मेहरानगढ़ किला: जोधपुर की ऊँची पहाड़ी पर थमा हुआ इतिहास

 

मेहरानगढ़ किला: राजस्थान के शौर्य और वास्तुकला का प्रतीक

जोधपुर की 'चिड़ियाटूँक' पहाड़ी पर स्थित मेहरानगढ़ किला अपनी विशालता और मजबूती के कारण "भारत के सबसे प्रभावशाली किलों" की सूची में शीर्ष पर आता है। यह किला ज़मीन से लगभग 122 मीटर की ऊँचाई पर स्थित है और नीले शहर (Jodhpur) के रक्षक के रूप में खड़ा है।

1. ऐतिहासिक पृष्ठभूमि (History)

  • स्थापना: इस किले की नींव 12 मई, 1459 को मारवाड़ के शासक राव जोधा ने रखी थी। उन्होंने अपनी राजधानी को मंडोर से यहाँ स्थानांतरित किया था क्योंकि यह स्थान सुरक्षा की दृष्टि से अधिक उपयुक्त था।

  • नाम का अर्थ: 'मेहरानगढ़' दो शब्दों से मिलकर बना है—'मेहर' (सूर्य) और 'गढ़' (किला)। राठौड़ वंश स्वयं को सूर्य का वंशज मानता है, इसलिए इसका नाम सूर्य के नाम पर रखा गया।

  • नींव का रहस्य: लोक कथाओं के अनुसार, किले की नींव करणी माता के हाथों रखी गई थी। एक प्रसिद्ध किंवदंती यह भी है कि किले के निर्माण की सफलता के लिए 'राजाराम मेघवाल' नामक व्यक्ति ने स्वेच्छा से अपनी बलि दी थी, जिन्हें किले की नींव में जीवित दफनाया गया था।



2. अजेय वास्तुकला (Architecture)

मेहरानगढ़ किला अपनी विशाल दीवारों और सात द्वारों (पोल) के लिए प्रसिद्ध है।

  • जय पोल: इसे महाराजा मान सिंह ने जयपुर और बीकानेर की सेनाओं पर जीत की खुशी में बनवाया था।

  • लोहा पोल: यहाँ आज भी उन रानियों के हथेलियों के निशान (सती हैंडप्रिंट्स) मौजूद हैं, जिन्होंने 1843 में अपने पति महाराजा मान सिंह की मृत्यु के बाद सती होने से पहले यहाँ अपने निशान छोड़े थे।

  • फतेह पोल: यह मुगलों पर जीत के उपलक्ष्य में महाराजा अजीत सिंह द्वारा बनवाया गया था।

3. किले के भीतर प्रमुख महल

किले के अंदर बारीक नक्काशी और सुंदर नक्काशीदार झरोखे वाले कई महल हैं:

  • मोती महल (Pearl Palace): यहाँ राजा अपना दरबार लगाते थे। इसकी छत को सोने की पॉलिश और कांच के काम से सजाया गया है।

  • फूल महल (Flower Palace): यह राजा का निजी कक्ष था, जिसे सोने की परत और चित्रकारी से बेहद भव्य बनाया गया है।

  • शीश महल (Mirror Palace): शीशों की कारीगरी का अद्भुत नमूना।

  • तख्त विलास: महाराजा तख्त सिंह द्वारा निर्मित यह महल पारंपरिक और औपनिवेशिक शैलियों का मिश्रण है।

4. मेहरानगढ़ संग्रहालय (Museum)

यह राजस्थान के सबसे अच्छे संग्रहालयों में से एक है। यहाँ आपको निम्न देखने को मिलेंगे:

  • पालकियों का संग्रह: पुराने समय की शाही पालकियाँ।

  • हाथी हौदा: चांदी के बने वे आसन जिनका उपयोग हाथी की सवारी के लिए किया जाता था।

  • शस्त्रागार: यहाँ राव जोधा की तलवार से लेकर मुगलों और राजपूतों के हथियार रखे हुए हैं।

  • पेंटिंग्स: मारवाड़ शैली की दुर्लभ लघु चित्रकारी (Miniature Paintings)।

5. चामुंडा माता मंदिर

किले के दक्षिणी छोर पर चामुंडा माता का मंदिर है। राव जोधा ने 1460 में देवी की मूर्ति को मंडोर से लाकर यहाँ स्थापित किया था। यह मंदिर आज भी जोधपुर के लोगों के लिए आस्था का प्रमुख केंद्र है।

6. रोचक तथ्य (Quick Facts)

  • अजेय किला: अपने पूरे इतिहास में मेहरानगढ़ किले को कभी भी सैन्य बल से नहीं जीता जा सका।

  • हॉलीवुड कनेक्शन: इस किले की भव्यता को देखते हुए यहाँ 'द डार्क नाइट राइजेस' (The Dark Knight Rises) जैसी प्रसिद्ध हॉलीवुड फिल्मों की शूटिंग भी हुई है।

  • नीला शहर: किले की प्राचीर से पूरे जोधपुर शहर का 'नीला दृश्य' दिखाई देता है, जिसके कारण इसे 'Blue City' कहा जाता है।


निष्कर्ष: मेहरानगढ़ किला केवल पत्थरों का ढांचा नहीं है, बल्कि यह मारवाड़ के इतिहास, राजपूतों के बलिदान और उनकी कलात्मक रुचि का सजीव चित्रण है।

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